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बासमती:Queen of fragrance


'आज तो  बासमती चावल बनना चाहिए' अक्सर यह हम अपने घरों में सुनते हैं जब कोई मेहमान आया हो ! हो ना हो इस बात से आपके मन में भी कभी न कभी ख्याल आता होगा इस चावल में ऐसा क्या है जो इसे इतना खास बनाता है,  इसीलिए आज हम आपकी इस जिज्ञासा का समाधान करेंगे ।

बासमती का इतिहास:

  • सबसे पहली बात दिमाग में आती है कि इसे बासमती क्यों कहते ? 
  • असल में बासमती शब्द मूल रूप से हिंदी भाषा की ही दें है जिसका अंग्रेजी भाषा में मतलब Queen of fragrance यानी कि खुशबु की रानीऔर सर्वप्रथम इसका जिक्र मिलता है सन १७६६ की मशहूर प्रेम कहानी हीर और राँझा में ।
  • बासमती चावल को पूरी दुनिया से साझा करने का श्रेय जाता है भारतीय हिंदू व्यपारियों को जिन्होंने इसे मध्य-पूर्व के व्यापारियों से साझा किया था, बिलकुल एक cultural exchange programme तरह ! इस कारण बासमती चावल भारतीय cuisine से निकलकर पर्शिया, अरब व् मध्य-पूर्व के अन्य हिस्सों तक पंहुचा ।


Scientific facts:

  • बासमती चावल का वैज्ञानिक नाम है- Oryza sativa
  • इसकी family है- Gramineae(Paceae) जिसे family of grasses भी कहा जाता है
  • बासमती चावल की खुशबु ही उसकी पहचान होती है जो कि 2-acytyl-1-pyrrolline नामक compound की वजह से होती है।
  • यह compound बासमती चावल में अन्य चावलों की अपेक्षाकृत १२ गुना ज्यादा पाया जाता है।
  • औसतन बासमती चावल के एक दाने में इस compound की 0.09 ppm मात्रा पायी जाती है।

Worldwide approved varieties of Basmati:
  • भारतीय: Basmati, P3 Punjab, type III Uttar Pradesh, hbc -19 Safidon, 386 Haryana, Kasturi (Baran, Rajasthan), Basmati 198, Basmati 217, Basmati 370, Bihar, Kasturi, Mahi Suganda, Pusa 1121.
  • पाकिस्तानी: Basmati 370 (Pak Basmati), Super Basmati (Best Aroma), Basmati Pak (Kernal), 386 or 1121 basmati rice,[17] Basmati 385, Basmati 515, Basmati 2000 and Basmati 198
  • नेपाली: Basmati 217, Pusa Basmati, Basmati 1, Nepalese red Basmati.

Special:

  • दिल्ली स्थित भारतीय अनुसन्धान संस्थान IARI (Indian agriculture research institute) बासमती शोध के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है, यहाँ कुछ समय पहले ही बासमती की hybrid variety उत्पन्न की गयी है जो कि semi-dwarf होते हुए भी पारंपरिक बासमती के सभी गुणों से युक्त है और इसका नाम Pusa 1401/Pusa बासमती-6 रखा गया है।
  • IARI के ही दो प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों डॉ. के. वी. प्रभु व डॉ. अशोक कुमार सिंह को सन २०१२ में बासमती चावल के शोध व विकास के लिए Borlaug Award दिया गया ।
Production: 
  • सम्पूर्ण विश्व में उगाये जाने वाले बासमती का ५५-७०% हमारे देश में होता है और इसके बाद क्रमश: नेपाल, पाकिस्तान वगैरह में पैदा किया जाता है।
  • भारत में बासमती चावल उगने में पंजाब राज्य अव्वल है, जहाँ लगभग ३४९८.८८ हजार टन बासमती प्रतिवर्ष उगाया जाता है।
  • पंजाब के बाद क्रमश: हरयाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमांचल प्रदेश और देहली का स्थान आता है ।
  • अभी हाल में (२०१७) पंजाब राज्य में बासमती चावल के उत्पादन में गिरावट महसूस की गयी है, परन्तु “खेती विरासत मिशन” जैसे संगठन बासमती के उत्पादन को बढाने के लिए लगातार प्रायसरत है जोकि एक सकारात्मक पहल है।

Other:
  • बासमती चावल की गुणवत्ता निर्धारण बासमती certification निर्धारित करता है।
  • बासमती certification, बासमती मार्क द्वारा किया जाता है जो कि BEDF( Basmati Export Development Foundation) की प्रयोगशाला द्वारा तैयार किया गया एक डी.एन.ए. fingerprint आध्हरित प्रमाणीकरण है ।
Indian cuisine/Recipes related to Basmati:
बिरयानी
पायश
खिचड़ी
खीर
पुलाव
गुलाब-फिरनी इत्यादि

Interesting Fact:

सितंबर 1997 में, अमेरिकी कंपनी, राइसटेक को "बासमती चावल " पर अमेरिकी पेटेंट प्राप्त हुआ था।इससे भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक राजनैतिक संकट उत्पन्न हो गया था, भारत ने इसे डब्ल्यूटीओ को ट्रिप्स के उल्लंघन के रूप में लेने की धमकी दी। स्वैच्छिक रूप से और संयुक्त राज्य अमेरिका पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय द्वारा समीक्षा के चलते राइसटेक ने पेटेंट के अधिकांश दावों को खो दिया, इस प्रकार भारतीय किसानों  को बासमती चावल पर उनका अशिकर फिर से प्राप्त हो गया।

अब तो आप बासमती के बारे में काफी कुछ जान चुके है और निश्चित तौर पर अगली बार जब बासमती चावल की महक आप तक पहुचेगी, तब आपके पास दूसरों को बासमती चावल के बारें में बताने के लिए बहुत कुछ होगा


बासमती:Queen of fragrance बासमती:Queen of fragrance Reviewed by Unknown on October 10, 2018 Rating: 5

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